शनिवार, 2 अप्रैल 2016

Nayee Khabar

डीएम ने गाँव के विकास के लिए अफसरो को दिए सख्त निर्देश, जनता का एक भी रूपया न खायेगें और न खाने देंगे : डीएम

शाहजहाँपुर। विकास विभाग से सम्बन्धित समस्त कार्मिक, अधिकारी स्वतंत्र, निष्पक्ष, निर्भीक होकर पारदर्शी ढंग से कार्य करतें हुए गांवो का चतुर्दिक विकास करें। जिला प्रशासन उन्हें पूरा सहयोग करेगा। ग्राम विकास में जो भी पैसा आयेगा वह शतप्रतिशत सम्बन्धित कार्य में व्यय होगा। किसी को भी न एक रूपया देंगे और न ही लेंगे। 

उक्त निर्देश जिलाधिकारी विजय किरन आनन्द ने जिले के विकास से जुड़े समस्त सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, अवर अभियन्ता, तकनीकी सहायक, ए0पी0ओ0 खण्ड विकास अधिकारियों के साथ ग्राम पंचायत विकास योजना के लिए संचालित योजनाओं की सरंचना की समीक्षा करते हुए दियें।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि सभी खण्ड विकास अधिकारी अपने सहायक विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी का तिथिवार, ग्रामवार रोस्टर जारी करें कि सम्बन्धित कार्मिक किस गांव में किस दिन रहेगा। सभी एडीओ, वीडीओ प्रतिदिन 10 से 12 बजे तक गांव में रहेंगे। गांव में रहकर जनता का कार्य करेंगे। प्रतिदिन गांव में बैठने वालें कार्मिको का व्यौरा ब्लाक और मुख्यालय स्तर पर रखा जायेंगा। गांव में उसकी उपस्थिति की जानकारी की जायेगी। जिलाधिकारी सभी कार्मिको को निर्देश दिये कि जो सही हो और गांव के विकास के लिए कार्य हो, गरीबो, पात्रों को लाभान्वित करने का कार्य हो, वही करें। किसी के भी दबाव में कतई न आयें। कोई भी व्यक्ति किसी कार्मिक पर उंगली न उठा सकें। 

जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि सभी एडीओ, वीडीओ गांव में बैठक करेंगे। और ग्राम स्तरीय समस्त कार्मिकों यथा आॅगनबाड़ी कार्यकर्ती, सहायिका, एएनएम, लेखपाल, सफाईकर्मी, ग्राम प्रधान आदि को भी बुलायेंगे। अपना जनसम्पर्क ग्रामवासियों से बनायें। जनसम्पर्क बनानें में सबसे पहले आॅगनबाड़ी केन्द्रो ंकी मरम्मत जीर्णेाद्धार, स्कूल, शौचालय की मरम्मत व व्यवस्था करना, गांव की कच्ची गलियों की सूची बनाना, गांव के पानी निकासी, नाली निर्माण, तालाबों के जीर्णाेद्धार आदि पर चर्चा करते हुए 15 अप्रैल तक कार्ययोजना बना लें। उन्होंने कहा कि इसी दौरान मनरेगा के अन्तर्गत जो 13 से अधिक कार्य होते हैं। उसकी भी कार्ययोजना बना लें। रोजगार सेवक गांव के भूमिहीन मजदूरों, कृषक मजदूरों, विधवाओं, असहायों आदि की सूची बनायें। और मनरेगा के विषय मे ंपूरी जानकारी दें। 

मनरेगा के अन्र्तगत परिसम्पत्तियों का निर्माण भी करें। जिसमें चारागाह की भूमि, पाईका योजना में खेल मैदान, वृक्षा रोपड़, खाद के गढढे, नहर, माइनर, गूल की सफाई, तालाबों मत्सय पालन, राज्य, वित्त आयोग निधि से जल भराव दूर करने, गलियों को बनाने, कूड़ा प्रबन्धन की भी कार्य योजना बनायें। प्रतिग्राम पंचायत मनरेगा से कम से कम एक लाख रूपये व्यय अवश्य हो। प्रत्येक जनसम्पर्क दिवस की फोटोग्राफी कराकर प्रस्तुत करें।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी पुलकित खरे, जिला विकास अधिकारी पी0पी0 त्रिपाठी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला पंचायतराज अधिकारी चंद्रिका प्रसाद, समस्त खण्ड विकास अधिकारी आदि उपस्थित रहें।