सोमवार, 30 मई 2016

Nayee Khabar

किताब खोल रही है पोल, गुजरात दंगो में थी मोदी की भूमिका

नई दिल्ली। 2002 में हुए गुजरात दंगा ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। जिसके बाद वहां के एक पत्रकार ने गुजरात दंगों पर स्टिंग ऑपरेशन किया था। उस स्टिंग को लेकर एक किताब लिखी गई है। जिससे अब पब्लिश कर दिया गया है।

पत्रकार राणा अय्यूब की गुजरात दंगा को लेकर स्टिंग ऑपरेशन किया गया था। जिसको लेकर एक किताब लिखा गया और अब उस किताब ‘गुजरात फाइल्सह- अनाटॉमी ऑफ ए कवर अप’ में दावा किया है कि कई अधिकारियों ने 2002 गुजरात दंगा के समय राजनीतिक दबाव की बात मानी थी। नई दिल्ली में यह किताब जारी हुई। 



अय्यूब ने कहा कि उन्हों ने गांधीनगर स्थित बंगले पर मोदी का भी बयान रिकॉर्ड किया था। यह बयान घड़ी में कैमरा लगाकर रिकॉर्ड किया गया था। राणा अय्यूब ने कहा कि सभी स्टिंग ऑपरेशन में अमित शाह साझा कड़ी थे। वे उस समय गुजरात के गृह मंत्री थे और अब भाजपा अध्य।क्ष हैं। शाह को सोहराबुद्दीन मामले में जेल भी जाना पड़ा था।

2014 में सीबीआई कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था। राणा अय्यूब का आरोप है कि तहलका ने उन्हें इस असाइनमेंट के लिए भेजा था। लेकिन बाद में राजनीतिक दबाव का जिक्र करते हुए स्टोरी छापने से इनकार कर दिया। उनका दावा है कि उन्होंने अशोक नारायण, जीएल सिंघल, पीसी पांडे, जीसी राईघर, राजन प्रियदर्शी और वाईए शेख का भी स्टिंग ऑपरेशन किया था। उन्होंने खुद की पहचान अमेरिका की रहने वाली फिल्म मेकर के रूप में कराई और मैथिली त्यावगी नाम बताया।

अय्यूब ने उस समय सीआईडी के चीफ रहे जीसी राईघर से पूछा था: ”मुठभेड़ में क्या, हुआ था। आप वहां थे।” उन्हों ने बताया कि राईघर का जवाब था: ”मैं केवल एक में था। एक अपराधी फर्जी मुठभेड़ में मारा गया। गलती यह हुई कि उन्होंने उसकी बीवी को भी मार दिया।” किताब में हरेन पांड्या मर्डर केस पर भी एक चैप्टार है। इसमें जांच अधिकारी वाईए शेख के आरोपों को भी जगह दी गई है। बुक लॉन्चर कार्यक्रम में पत्रकार हरतोश सिंह बल और राजदीप सरदेसार्द व वकील इंदिरा जयसिंह मौजूद थे।

सरदेसाई ने कहा कि गुजरात दंगों के संबंध में वे एक बार एक वरिष्ठ जज से बात कर रहे थे तो उन्होंने कहा, ”ये जो मुसलमान है, वो बदलेगा नहीं। उनके साथ यही होना था।