मंगलवार, 26 जुलाई 2016

Nayee Khabar

भाजपा नेता ने महिला पत्रकार से कहा, कोई तुम्हारा बलात्कार कर दे तो विपक्ष क्या कर सकता है?

Photo By ANI
बेंगलुरु: भाजपा के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व उप मुख्यमंत्री केएस ईश्वरप्पा ने शनिवार को एक महिला पत्रकार के सवाल का जवाब न देकर उसी से प्रश्न किया कि 'अगर कोई अगवा कर तुम्हारा बलात्कार कर दे, तो इसमें विपक्ष क्या कर सकता है?' ईश्वरप्पा अपने इस आपत्तिजनक प्रश्न की वजह से अपनी ही पार्टी में अलग-थलग पड़ते नजर आ रहे हैं।

बेंगलुरु के मागडि में शनिवार को पुलिस एसआई जगदीश का अंतिम संस्कार किया गया। शुक्रवार को दो बाइक चोरों ने उनकी हत्या कर दी थी। अंतिम संस्कार के बाद वहां मौजूद एक महिला संवाददाता ने ईश्वरप्पा से पूछा कि शहर में कानून व्यवस्था की हालत लगातार खराब हो रही है, ऐसे में विपक्ष चुप क्यों है? इसके जवाब में ईश्वरप्पा ने उलटे महिला रिपोर्टर से आपत्तिजनक सवाल पूछा कि अगर 'कोई तुम्हें अगवा कर तुम्हारा बलात्कार कर दे तो इसमें विपक्ष क्या कर सकता है?'

ईश्वरप्पा ने कहा, ‘आप महिला हैं। आप अभी यहां हैं, अगर कोई आपको खींचता है और आपके साथ दुष्कर्म करता है, और हम विपक्षी सदस्य कहीं और हैं। तो हम क्या कर सकते हैं?’ उन्होंने कहा, ‘आप मुझे बताइए कि हमें क्या करने की आवश्यकता है, हम वह करेंगे...। जब छह साल की एक बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया, हमने विधानमंडल में इसकी आलोचना की। हमने हर तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जो हम कर सकते थे। लेकिन आप लोगों ने मेरी भाषा पर आपत्ति जताई..।’

ईश्वरप्पा के इस बयान की आलोचना कांग्रेस के साथ-साथ उनकी पार्टी यानी बीजेपी में भी होने लगी है। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार ने कहा कि अगर ईश्वरप्पा ने ऐसा कहा है तो यह सही नहीं है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का कहना है कि ईश्वरप्पा कभी अच्छी बात नहीं करते। कांग्रेस शासित प्रदेश के कानून मंत्री टीबी जयचंद्रा के मुताबिक ईश्वरप्पा का बयान इस संवेदनशील मामले में बीजेपी की सोच को दर्शाता है। हालांकि ईश्वरप्पा अपने बयान से फिलहाल पलटने को तैयार नहीं हैं।

अपने बयान की जबरदस्त आलोचना के बाद ईश्वरप्पा फिर मीडिया के सामने आए और सफाई दी कि मीडिया उनके बयान पर  भ्रम की स्थिति पैदा कर रहा है और उनके बयान को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है।

ईश्वरप्पा इसके पहले भी एक बार विवाद में फंसे थे जब उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और गृह मंत्री केजे जार्ज के खिलाफ टिप्पणी की थी कि क्या वे राज्य में यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं की भावनाओं को तभी समझेंगे जबकि उनकी पुत्रियों के साथ ‘दुष्कर्म’ होगा। उन्होंने पिछले साल नवंबर में यौन अपराधों की घटनाओं की पृष्ठभूमि में यह टिप्पणी की थी। कांग्रेस ने उनकी टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए निंदा की थी वहीं भाजपा की कर्नाटक इकाई ने इस विवाद से अपने को अलग कर लिया था।

ऐसे बेतुके बयान सिर्फ बीजेपी की तरफ से ही नहीं आ रहे हैं। हाल ही में राज्य के गृह मंत्री केजी जॉर्ज ने कहा था कि दो लोग अगर बलात्कार करें तो इसे सामूहिक बलात्कार नहीं कह सकते। इस पर जब बवाल मचा तो जॉर्ज अपने बयान से पलट गए। कानून के मुताबिक एक से ज्यादा लोग अगर बलात्कार करते हैं तो वह सामूहिक बलात्कार ही कहलाता है।

पिछले कुछ हफ्तों में बेंगलुरू, मांड्या और टुमकुरू में कथित रूप से सामूहिक बलात्कार की घटनाएं हुईं। मांड्या के पांडवपुरा तालुक के पास नौ अक्तूबर को 20 साल की एक युवती के साथ चार लोगों ने कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया था। आरोपियों में युवती का एक मित्र भी शामिल है।


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