सोमवार, 18 जुलाई 2016

Nayee Khabar

केजरीवाल बने स्वर्ण मंदिर में सेवादार, साफ बर्तन फिर धोये- BJP

आज सुबह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वर्ण मंदिर में सेवादार बनकर बर्तन धोए। जहां भाजपा इसे फरेब कह रही है वहीं केजरीवाल इसे पश्चाताप बता रहे हैं। भाजपा ने कहा कि पहले तो केजरीवाल ने सिख गुरुओं का अपमान किया इसके बाद आज फिर से धोये हुए बर्तन फिर से धोकर अपने अपराध को फरेब से छिपाने की कोशिश की।

संसदीय कार्य राज्य मंत्री एस एस आहलुवालिया ने संसद भवन परिसर में कहा कि आज सुबह सुबह एक बात सामने आयी कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सिखों के पवित्र स्थान श्री हरमंदिरजी साहब के लंगर परिसर में धोये हुए बर्तन को पुन: साफ किया।

उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले अमृतसर में अपने तथाकथित दस्तावेज जारी करते हुए आम आदमी पार्टी ने इसकी तुलना सिखों के पवित्र ग्रंथ गुरूग्रंथ साहब से की थी। सिखों ने इसका प्रतिवाद किया, गुरू नानक नामलेवा कोटि कोटि लोगों ने इसका प्रतिवाद किया।

अहलुवालिया ने कहा कि आज सुबह टीवी और मीडिया में सिखों के पवित्र स्थान श्रीहरमंदिर साहब के लंगर परिसर में धोये हुए बर्तनों को पुन: साफ करते केजरीवाल की खबर को देखा। केंद्रीय मंत्री ने कहा, जो अपराध केजरीवाल सिखों की धार्मिक आस्था पर आघात करके किया उस पर फिर से एक फरेब करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को गुरूद्वारे में नम्रता का प्रतीक बनकर जाने का विचार आता है तब गुरूद्वारे के द्वार पर जोड़ाघर के धुल को सिर पर लगाकर धन्य हो सकता है लेकिन केजरीवाल सीधे लंगर भवन पहुंच गये।

केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि केजरीवाल एवं उनकी पार्टी ने सिखों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। गुरूग्रंथ साहब जीता जागता गुरू है। इसमें 36 गुरूओं की वाणी है। इसमें गुरू नानक देव, गुरू तेग बहादुर, भक्त नामदेव, भक्त रविदास, कबीर, जयदेव, शेख फरीद की उक्तियां हैं।

गायक एवं भाजपा नेता मनोज तिवारी ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हम लोग तो गीत संगीत से जुड़े कलाकार हैं लेकिन केजरीवाल अलग तरह के कलाकार हैं जो दिल्ली के लोगों को उनकी परेशानियों के साथ छोड़कर पता नहीं कहां चले जाते हैं।


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