शुक्रवार, 23 सितंबर 2016

Nayee Khabar

उरी में शहीद गणेश शंकर की शहादत का बीजेपी सांसद ने किया अपमान, पिटते पिटते बचे

संतकबीर नगर : उरी आर्मी कैम्प पर हुए आतंकी हमले में शहीद हुए 18 जवानो में 4 जवान उत्तर प्रदेश के भी शामिल है। जिसमे एक शहीद गणेश शंकर यादव का नाम है जो संतकबीर नगर के रहने वाले थे। आज जब सेना के जवान उनके पार्थिव शरीर लेकर शहीद के पैत्रिकी गांव पहुंचे तो वहां हज़ारों की तादात में गांव वाले मौजूद थे सभी के चहेरे उदास थे और आँखे नाम थी। इस क्रम में वहां संतकबीर नगर के सांसद शरद त्रिपाठी भी शहीद की अंतिम यात्रा में पहुंचे लेकिन सांसद शरद त्रिपाठी ने वहां एक ऐसी हरकत कर डाली जिसकी लोग घोर निंदा कर रहे थे और हालात ऐसे हो गए की सांसद शरद त्रिपाठी को किसी तरह जान बचा कर भागना पड़ा। गली छाप नेता से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के नेता हर जगह हर मुक़ाम पर चाहते हैं की पूरा अट्रैक्शन उन्ही पर हो लेकिन कभी कभी ऐसी गलती कर बैठते हैं की उनका पूरा राजनीतिक भविष्य ही खतरे में पड़ जाता है।




दोपहर करीब 1 बजे शहीद का प्र्रतिव शरीर उनके गांव पहुंच करीब 3 बजे शहीद को पुरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गयी शहीद गणेश शंकर यादव के 7 साल के बेटे ने पिता की चिता को अग्नि दी पूरा माहौल ग़मगीन था लेकिन इसी बीच बीजेपी सांसद शरद त्रिपाठी ने अपने समर्थको को शहीद के लिए अंगोछा बिछवाकर चंदा मांगने का फरमान जारी कर दिया और सांसद साहब भी चंदा इकठ्ठा करने में लग गए। ये बात शहीद गणेश शंकर यादव के परिजनों के साथ साथ गांव वालों को भी इतनी नागवार गुज़री की की लोगो ने बीजेपी सांसद शरद त्रिपाठी को खूब लताड़ लगाई। हालात ये हो गए थे पुलिस ने किसी तरह बीजेपी सांसद शरद त्रिपाठी को वहां से हटाया सूत्र बताते हैं की अगर बीजेपी सांसद शरद त्रिपाठी वहां से भाग न लेते तो गांव वाले खूब पीटते। गांव वालों का कहना है भाजपा सांसद शरद त्रिपाठी ने शहीद की शहादत का अपमान किया।
शहीद के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश के सीएम अखिलेश यादव ने अपने २ मंत्रियों क्षेत्रीय विधायकों के साथ ज़िलाधिकारी को भी भेजा और शहीद परिवार को 20 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की.. मुख्यमंत्री अखिलेश का सन्देश शहीद परिवार तक पहुँचाया और कहा की सरकार शहीद के बच्चों की पढाई के साथ साथ परिवार की हर संभव मदद करेगी। हमें शहीद गणेश शंकर यादव की शहादत पर गर्व है। हिन्दुस्तान के इतिहास में शायद ये पहला मौका होगा जब कोई सत्तारूढ़ पार्टी का सांसद शहीद के घर जाकर शहीद के परिवार वालों को सांत्वना देने के बजाय शहीद के परिवार को शर्मसार करते हुए अंगोछा बिछाकर लोगों से चंदा मंगवाने लगा। इससे ज्यादा शर्म की बात और क्या हो सकती है, जहां देश के जवान भारत मां की हिफाजत में अपनी जान कुर्बान कर रहे हैं वहीं इस तरह के लोग इनकी शहादत की आड़ में अपनी रोटी सेक रहे हैं
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